कालसर्प दोष के उपाय
जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तो इसे कालसर्प दोष कहा जाता है। इसके कारण जीवन में कई बाधाएँ और संघर्ष आ सकते हैं।
उपाय
मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
पितृ दोष के उपाय
कुंडली में पितरों की अशांति के कारण पितृ दोष बनता है। इसके कारण जीवन में कई प्रकार की रुकावटें आ सकती हैं।
उपाय
मंत्र
ॐ पितृ देवताभ्यो नमः
ग्रहण दोष के उपाय
सूर्य या चंद्र ग्रहण के प्रभाव से कुंडली में ग्रहण दोष बन सकता है। इसके कारण मानसिक तनाव और बाधाएँ बढ़ सकती हैं।
उपाय
मंत्र:
ॐ भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्॥
शनि दोष के उपाय
अगर कुंडली में शनि ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
सरल उपाय
मंत्र:
ॐ शं शनैश्चराय नमः
ग्रह दोष दूर करने के लिए रत्न
ग्रह दोष के प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष में रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है।
कुछ प्रमुख रत्न:
नीलम – शनि ग्रह के लिए
मूंगा – मंगल ग्रह के लिए
गोमेद – राहु ग्रह के लिए
मोती – चंद्र ग्रह के लिए
ध्यान दें: रत्न धारण करने से पहले हमेशा ज्योतिष सलाह लेना जरूरी है।
ग्रह दोष शांति के लिए यंत्र
नवग्रह यंत्र
नवग्रह यंत्र को ग्रहों के संतुलन और शांति के लिए स्थापित किया जाता है।
स्थापना विधि
- रविवार या गुरुवार को स्थापना करें
- यंत्र को गंगाजल से शुद्ध करें
- पूजा स्थान में लाल कपड़े पर रखें
- रोज धूप और दीप जलाएं
मंत्र
ॐ नवग्रहाय नमः
Grah Dosh Remedies (Planetary Problems)
Shani Dosh Remedies2
Shani Dosh Remedies
Mantra:
Om Sham Shanicharaya Namah
ग्रह दोष से बचने के वास्तु टिप्स
इन उपायों से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
सही ग्रह दोष समाधान के लिए कुंडली विश्लेषण करवाएं
ऊपर बताए गए उपाय सामान्य जानकारी के लिए हैं।
हर व्यक्ति की कुंडली अलग होती है इसलिए सही उपाय भी अलग होते हैं।
आचार्य श्री मुकेश जी महाराज से कुंडली दिखाकर जानें:
- शनि साढ़ेसाती का प्रभाव कब खत्म होगा
- मंगल दोष का सही समाधान
- कालसर्प दोष का उपाय
- पितृ दोष शांति कैसे करें