आने वाले त्योहार कब हैं और कैसे मनाएँ?
भारत में प्रत्येक त्योहार का अपना धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व है। नवरात्रि, दशहरा, करवा चौथ, धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ पूजा जैसे पर्व परिवार में सुख-समृद्धि, भक्ति और आपसी प्रेम का संदेश देते हैं।
आचार्य श्री मुकेश जी महाराज – Astro Mukesh Choubey के मार्गदर्शन में जानिए त्योहारों की तिथि, पूजा का महत्व, पारंपरिक विधि और शुभ मुहूर्त से जुड़ी आवश्यक जानकारी।
अक्टूबर 2026 के प्रमुख त्योहार और व्रत
- 17 अक्टूबर – नवपत्रिका पूजा एवं तुला संक्रांति: देवी दुर्गा की आराधना और सूर्य के तुला राशि में प्रवेश से जुड़ा दिन।
- 19 अक्टूबर – दुर्गा अष्टमी, महा नवमी एवं संधि पूजा: देवी दुर्गा की उपासना, कन्या पूजन और पारंपरिक नवरात्रि अनुष्ठानों का विशेष अवसर।
- 20 अक्टूबर – दशहरा एवं विजयादशमी: बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व। इस दिन शस्त्र पूजा और आयुध पूजा की परंपरा भी है।
- 21 अक्टूबर – दुर्गा विसर्जन: श्रद्धा के साथ माँ दुर्गा को विदाई दी जाती है।
- 22 अक्टूबर – पापांकुशा एकादशी: भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का दिन।
- 23 अक्टूबर – प्रदोष व्रत: भगवान शिव की आराधना और संध्याकालीन पूजा।
- 25 अक्टूबर – शरद पूर्णिमा एवं कोजागरी पूजा: चंद्रमा की पूजा और लक्ष्मी आराधना की परंपरा।
- 26 अक्टूबर – अश्विन पूर्णिमा एवं महर्षि वाल्मीकि जयंती: धार्मिक अनुष्ठानों और महर्षि वाल्मीकि के स्मरण का अवसर।
- 29 अक्टूबर – करवा चौथ: विवाहित महिलाएँ परंपरानुसार व्रत रखकर पति की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं।
नवंबर 2026 के प्रमुख त्योहार और व्रत
- 5 नवंबर – रमा एकादशी: भगवान विष्णु की पूजा और व्रत।
- 6 नवंबर – धनतेरस: धन्वंतरि पूजन, स्वच्छता और शुभ खरीदारी की परंपरा।
- 7 नवंबर – नरक चतुर्दशी: छोटी दिवाली के रूप में मनाया जाने वाला पर्व।
- 8 नवंबर – दीपावली एवं लक्ष्मी पूजा: भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
- 9 नवंबर – गोवर्धन पूजा: भगवान श्रीकृष्ण, गोवर्धन पर्वत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व।
- 11 नवंबर – भाई दूज: भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का त्योहार।
- 13 से 16 नवंबर – छठ पूजा: सूर्यदेव और छठी मैया की उपासना, अर्घ्य और पारंपरिक व्रत का पर्व।
- 24 नवंबर – देव दिवाली: विशेष रूप से वाराणसी में दीपदान और गंगा आराधना के लिए प्रसिद्ध पर्व।
त्योहारों पर कौन-सी पूजा करनी चाहिए?
त्योहार के अनुसार पूजा की विधि अलग होती है। नवरात्रि में दुर्गा पूजा, दशहरे पर शस्त्र या आयुध पूजा, धनतेरस पर धन्वंतरि पूजन, दीपावली पर गणेश-लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा पर श्रीकृष्ण आराधना और छठ पर सूर्यदेव को अर्घ्य देने की परंपरा है।
पूजा से पहले घर और पूजा स्थल की सफाई करें, आवश्यक सामग्री तैयार रखें, श्रद्धापूर्वक संकल्प लें और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार अनुष्ठान करें।
शुभ मुहूर्त और पूजा विधि कैसे जानें?
शुभ मुहूर्त जानने के लिए तिथि, नक्षत्र, स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त और संबंधित पूजा के निर्धारित समय को ध्यान में रखा जाता है। विशेष रूप से दीपावली की लक्ष्मी पूजा, करवा चौथ का चंद्रोदय और छठ पूजा के अर्घ्य का समय स्थान के अनुसार अलग हो सकता है।
इसलिए अपने शहर के पंचांग से तिथि और समय की पुष्टि करें। अक्टूबर–नवंबर 2026 की ऊपर दी गई त्योहार सूची को प्रकाशित करने से पहले स्थानीय पंचांग से सत्यापित अवश्य करें।
Astro Mukesh Choubey से जानें त्योहारों का धार्मिक महत्व
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इस त्योहारों के मौसम में श्रद्धा और सही जानकारी के साथ पूजा करें।
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